Today is पेहला पन्ना | घरपृष्ठ निर्धारित करना | पसंदीदा मे जमा कर
वेबसाईट खोजे   प्रगतिशील खोज »
संपादक
Harish Lamba
(Editor and Chief)

ख़बरों में है दम, सबसे आगे हम
पुराख़बर
Mo Tu We Th Fr Sa Su
12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829

न्यूज़पत्र
न्यूज़पत्र सबस्क्राईब करें:

Poll: आपके विचार
आप हमारी वेबसाइट के बारे में क्या सोचते हैं
यह वेबसाइट बड़िया है
कुछ ख़ास नही
थोड़े और काम की ज़रूरत है
बिल्कुल बड़िया नही
Poll परिणाम | पुरानी polls


email दोस्त को ई-मेल करें | print विवरण छापें |

सरकार जुटी नक्सल इलाकों में भागीदारी तय करने में

on अगस्त 26,2010

image
 भाजपा ने गुरुवार को सरकार को आगाह किया कि वह कश्मीर समस्या हल करने के नाम पर अमेरिका और पश्चिमी खेमे के भू-राजनीतिक हितों के जाल में नहीं फंस कर देश के हितो के प्रति पूरी तरह सजग रहे।

लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पर आज हुई विशेष चर्चा के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि कश्मीर के बारे में अमेरिका और पश्चिमी खेमे के अपने भू-राजनीतिक हित हैं। वे पाकिस्तान के जरिए चीन, दक्षिण एशिया और खाड़ी देशों की चौकसी करना चाहते हैं। इसके एवज में कश्मीर के रूप पाकिस्तान को कुछ रियायत देने को तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और पश्चिमी देशों के बहकावे में आकर भारत को अपनी कश्मीर नीति में कोई नरमी नहीं लानी चाहिए।

जोशी ने कहा कि अफगानिस्तान से अब अमेरिका भागने की फिराक में है। विएतनाम और इराक में पिट कर भागने के बाद अब वह अफगानिस्तान में भी पिट कर वहां से भागने के चक्कर में। जगह जगह पिट कर भागने की उसकी आदत हो गई है।

भाजपा नेता ने कहा कि अफगानिस्तान से भागने पर वह उसकी चौकसी पाकिस्तान को सौंपना चाहता है और पाकिस्तान उसकी कीमत के तौर पर कश्मीर मामले में रियायतें चाहता है। भारत को यह बात समझनी चाहिए और इस संबंध में पश्चिम के किसी दबाव में नहीं आना चाहिए।

जोशी ने आरोप लगाया कि संप्रग सरकार इस बारे में कुछ बड़ी भूल कर चुकी है। शर्म अल शेख में पाकिस्तान के साथ जारी संयुक्त बयान में बलूचिस्तान को शामिल किया जाना और पाकिस्तान को आतंकवाद का शिकार बताना इसकी मिसाल हैं।

भाजपा ने सरकार पर कश्मीर घाटी में तनावपूर्ण हालात से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि कश्मीरी देश से अलग होने की मांग कर रहे है न कि नौकरी या आर्थिक विकास की। कश्मीर घाटी में फैली हिंसा में 11 जून से ही अब तक 64 लोग मारे जा चुके है।

जम्मू एवं कश्मीर की स्थिति पर बहस के दौरान लोकसभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम से कहा कि वह कश्मीरियों से स्पष्ट तौर पर कहे कि उनकी 'आजादी' या स्वायत्तता की मांग उचित नहीं है।

जोशी ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और दुनिया की कोई भी ताकत उसे भारत से अलग नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि उनकी शिकायतें वाजिब है। मैं पूछना चाहता हूं कि वे शिकायतें क्या है। क्या भारत वहां अपनी सेना भेज रहा है या फिर हम कश्मीर पर कब्जा कर रहे है? उनकी शिकायतें क्या है? आजादी की मांग के अलावा उनकी कुछ शिकायतें नहीं है। अगर इसी को आप उनकी जायज मंाग बता रहे है, तो उन्हे को स्पष्ट रूप से बता दीजिए कि आजादी या स्वायत्तता संभव नहीं है, यह व्यवहारिक नहीं है।

संसद में जोशी की इस टिप्पणी पर नेशनल कांफ्रेंस [नेकां] के शफुद्दीन शारिक और महबूब बेग ने आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार ने नेकां सांसदों को किसी तरह शांत कराकर उन्हे वापस अपनी सीट पर वापस भेजा।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सर्वदलीय बैठक संबंधी बयान का मखौल उड़ाने वाली कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सईद अली गिलानी की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार को जम्मू एवं कश्मीर में पैसा नहीं लगाना चाहिए।

जोशी ने कहा कि गिलानी कह चुके है कि यह बैठकें उनके लिए महत्वपूर्ण नहीं है क्योंकि इस तरह की बैठकों से कश्मीर की आजादी हासिल नहीं की जा सकती।

जोशी ने लोकसभा में कहा कि कश्मीरियों का कहना है कि उन्हे भारत से स्वतंत्रता चाहिए। यदि यह समस्या है तो सरकार इसे कैसे हल करेगी। सरकार उनके साथ किस तरह की बातचीत करेगी। यदि सरकार राज्य को स्वायत्ता देने पर विचार कर रही है तो उसे सोचना चाहिए कि उसके बाद पूर्वोत्तर की क्या स्थिति होगी।

जोशी ने कहा कि सरकार जम्मू एवं कश्मीर को 94,000 करोड़ रुपये दे चुकी है जहां की आबादी हमारे देश की जनसंख्या का मात्र एक या दो प्रतिशत ही है। यह कल्पना करने वाली बात है कि एक या दो प्रतिशत आबादी वाले राज्य को हमारे बजट का 10-12 फीसदी हिस्सा दे दिया जाता है।



74 बार पड़ी गई

Breaking News
ख़ास ख़बर