दावोस। अमेरिका और यूरोप में आर्थिक सुस्ती के बीच रोजगार बढा़ने को लेकर चल रही खींचतान के मद्देनजर भारतीय उद्योगों ने यह संदेश दिया है कि उनकी कंपनियां इन पश्चिमी देशों से रोजगार के अवसर चुरा नहीं रही हैं बल्कि वहा रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
विश्व आर्थिक मंच के बैठक में यहा जुटे दुनियाभर के उद्योगपतियों के बीच एचसीएल टेक्नालाजीज द्वारा अमेरिका तथा यूरोप में 10,000 नौकरिया दिए जाने की घोषणा के जरिए यह संदेश मजबूती के साथ देने की कोशिश की गई कि भारतीय आईटी कंपनिया संकट में फंसी पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं में रोजगार सृजित कर रही हैं न कि वहा से नौकरिया चुरा रही हैं।
ऐसा ही एक सकारात्मक संदेश ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड केमरन की यूरोपीय संघ को सलाह के रूप में सामने आया कि भारत जैसी उदीयमान अर्थव्यवस्थाएं यूरोप के लिए खतरे के बजाय बड़ी मददगार हो सकती हैं।
केमरन ने कहा कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते को इस साल के अंत तक सिरे चढाना यूरोप के हित में होगा। उन्होंने कहा कि यूरो संकट से निपटने के लिए हमें उत्प्रेरक की जरूरत है..भारत व सिंगापुर सहित अन्य देशों के साथ एफटीए, द्विपक्षीय व्यापार समझौते व यूरोपीय संघ व्यापार समझौते इस साल के अंत तक सिरे चढ़ने चाहिए। केमरन की यूरोपीय संघ मुख्यालय यानी ब्रूसेल्स को यह सीधी साधी सलाह ऐसे समय में आई है जबकि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते में देरी हो रही है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा आउटसोर्सिग के खिलाफ बयान के ठीक एक दिन बाद एचसीएल टेक्नालाजीज के वाइस चेयरमैन विनीत नायर ने एक बड़ी घोषणा में कहा है कि उनकी कंपनी अगले पाच साल में अमेरिका व यूरोप में 10,000 रोजगार सृजित करेगी जो स्थानीय लोगों के लिए होंगे। नायर ने कहा कि वैश्वीकरण के मौजूदा दौर में कंपनियो को जहा भी जाएं वहा रोजगार सृजित करनी होंगी। हमने पथप्रदर्शक कदम उठाया है।
विप्रो के प्रमुख अजीम प्रेमजी ने कहा कि चुनावों को देखते हुए आऊटसोर्सिग का मुद्दा कुछ ज्यादा ही चर्चा में है..रोजगारों को लेकर अमेरिका ज्यादा ही संवेदनशील हो गया है। जर्मन की चासलर एंजेला मर्केल भी चाहती हैं कि रोजगार सृजन के लिए यूरोप में निवेश हो।
राष्ट्रपति ओबामा ने आऊटसोर्सिग के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए उन कंपनियो को रियायतें बंद करने के लिए उपायो की घोषणा कल की जो देश के बाहर नौकरिया दे रही हैं। ओबामा ने अपने संबोधन में कहा, 'यदि आप ऐसा कारोबार कर रहे हैं जहा नौकरियो को आऊटसोर्स किया जाएगा, तो आपको इसके लिए कर कटौती नहीं मिलेगी।
सिटीग्रुप के प्रमुख विक्रम पंडित ने बुधवार को कहा था कि विकसित व विकासशील देशों में रोजगार सृजन ही एकमात्र बड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि अगले दस सल में 40 करोड़ नए रोजगारों की जरूरत होगी।