मुंबई। पूर्व क्रिकेटर संदीप पाटिल, चंदू बोर्डे और लालचंद राजपूत ने ट्वंटी 20 विश्व कप से भारत के जल्दी बाहर होने का ठीकरा इंडियन प्रीमियर लीग पर फोड़ने के लिए कोच गैरी कर्स्टन की आलोचना की है।
पाटिल ने कहा, 'मैं हैरान हूं कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। यदि आईपीएल ही कसूरवार है तो इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के खिलाड़ी कैसे टी 20 विश्व कप की तैयारी के लिए उसकी तारीफ कर रहे हैं।' भारत के पूर्व कोच ने कहा, 'आईपीएल को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने अनुमति दी है और सारे बोर्ड ने इसका समर्थन किया है।' मध्यक्रम के पूर्व बल्लेबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ रविवार को अहम मैच में बल्लेबाजी क्रम में बदलाव के लिए दक्षिण अफ्रीका के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज को ही दोषी ठहराया। पाटिल ने कहा, 'उन्होंने युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धौनी और यूसुफ पठान जैसे मैच विनर को बिठाकर किसी और [रविंदर जडेजा] को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने की अनुमति कैसे दे दी। इतने अहम मैच में वह प्रयोग कैसे कर सकते हैं।'
उन्होंने यह भी कहा, 'कप्तान के तौर पर धौनी का प्रदर्शन शानदार रहा है और एक नाकामी के लिए उसे दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। पिछले दो साल में उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। हम विश्व कप 2007 से भी जल्दी बाहर हो गए थे जब राहुल द्रविड़ कप्तान और ग्रेग चैपल कोच थे। यह सिर्फ एक नाकामी है जिसे उसने स्वीकार किया है। अब आगे बढ़ना चाहिए।' टी 20 विश्व कप 2007 में भारत के कोच रहे पूर्व बल्लेबाज लालचंद राजपूत ने कहा, '2007 में हमें विश्व कप की तैयारी के लिए सिर्फ तीन दिन मिले थे। हम दो जत्थों में दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे। कुछ खिलाड़ी इंग्लैंड से और कुछ भारत से।' उन्होंने कहा, 'दक्षिण अफ्रीका के हर्शल गिब्स, वेस्टइंडीज के ड्वेन ब्रावो और दक्षिण अफ्रीका के रोल्फ वान डेर मर्वे ने आईपीएल का अपना फार्म विश्व कप में बरकरार रखा।'